ब्रह्मनीति, कर्मनीति और राजनीति के प्रवक्ता योगेश्वर कृष्ण
युद्धाय कृत निश्चयः
मां ! तुम धन्य-धन्य हो
नर से बढकर नारी मूल्यों की रखवाली
मानव! तेरे लिए......